आगजनी की स्थिति में ‘सही प्रकार के इक्स्टिंगग्विशर के उपयोग पर’ विशेष प्रशिक्षण ।

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दिनांक: 10.06.2024 भिलाई इस्पात संयंत्र के अग्निशमन सेवा विभाग द्वारा 08 जून 2024 को मैत्री बाग में विभिन्न प्रकार की आगजनी के लिये, “सही प्रकार के इक्स्टिंगग्विशर का उपयोग कैसे करें” इसके बारे में मैत्री बाग के कर्मचारियों को अग्निशमन सेवा के दल से एफएसओ (फायर) श्री दिनेश भट्ट, लीडिंग फायर मैन श्री अरुण कुमार, फायर मैन श्री जेसमत, फायर मैन श्री बन्ना लाल मीणा द्वारा विशेष प्रशिक्षण दिया गया। इसमें सिखाया गया कि यदि आग का वर्ग अगर ए प्रकार का है जैसे लकड़ी, कागज, कपड़ा, प्लास्टिक, रबर इत्यादि में आग लगता है, तो वाटर या फोम का प्रयोग करें। बी प्रकार का आग जैसे की ऑइल, ग्रीस, केरोसिन इत्यादि में आग लगता है तो फोम, ड्राई केमिकल पावडर व CO2 का प्रयोग करें। सी प्रकार के ज्वलनशील गैस जैसे एलपीजी, एसिटिलीन इत्यादि में डीसीपी, CO2 का प्रयोग करें। डी प्रकार की क्रिया धातु जैसे Na, K, Mg में स्पेशल टाइप डीसीपी, बिजली की आग जिसमें कंप्यूटर, स्विच बोर्ड, इलेक्ट्रिकल पैनल इत्यादि में क्लीन एजेंट, डीसीपी, CO2 का प्रयोग करें। तथा एफ टाइप के आग जैसे कुकिंग ऑइल एवं फैट (किचन की आग) में पोटेशियम एसीटेट एवं पोटेशियम सित्रेट के मिश्रण का प्रयोग करना चाहिए। इसके साथ ही फायर इक्स्टिंगग्विशर के प्रकारों के बारे में भी जानकारी दी गई। वाटर टाइप इक्स्टिंगग्विशर ए वर्ग की आग के लिये उपयुक्त है, इसे कभी भी बिजली के उपकरणों में उपयोग नही करना चाहिए। मैकेनिकल फोम टाइप इक्स्टिंगग्विशर बी वर्ग की आग के लिये उपयुक्त है, इसका उपयोग ए वर्ग के आग के लिये भी किया जा सकता है, इसे कभी भी बिजली के उपकरणों में उपयोग नही करना चाहिए। ड्राई केमिकल पावडर इक्स्टिंगग्विशर बी एवं सी वर्ग की आग के लिये उपयुक्त है, इसे बंद कमरे में इस्तेमाल नही करना चाहिए, इसे कभी भी बिजली के उपकरणों में उपयोग नहीं करना चाहिए। CO2 टाइप इक्स्टिंगग्विशर यह बी एवं सी वर्ग की आग के लिये उपयुक्त है, यह वातावरण से ऑक्सीजन को हटाकर आग को बुझा देता है, यह इलेक्ट्रिक उपकरणों के लिये बहुत उपयोगी है। इसे क्रियाशील धातु की आग पर उपयोग नहीं करना चाहिए एवं बंद कमरे में लोगों की उपस्थिति में उपयोग नहीं करना चाहिए। क्लीन एजेंट टाइप इक्स्टिंगग्विशर ए, बी एवं सी वर्ग के आग के उपयुक्त है, यह इलेक्ट्रिकल और इलेक्ट्रानिक उपकरणों पर अधिक उपयोगी है। इन सभी प्रकार के इक्स्टिंगग्विशर के लिए प्रचालन विधि भी बताई गई, जिसमे चरणबद्ध तरीके से इसे चलाना बताया गया जैसे इक्स्टिंगग्विशर को आग के करीब ले जाएं एवं सीधा रखें। सेफ्टी पिन को निकले एवं नोजल को पकड़े। कैप के ऊपर लगे स्विच ग्रिप वाल्व को दबाएं। इक्स्टिंगग्विशर से निकलने वाले रसायन को आग से बेस पर स्वीपिंग एक्शन से प्रहार करें। आग के बुझने पर स्विच ग्रिप वाल्व को छोड़ दें। इस प्रशिक्षण में आग बुझाने के उपयुक्त सामान्य पदार्थों इत्यादि के बारे में संक्षिप्त जानकारी दी गई। जैसे पानी आग के ऊष्मा को कम कर आग को बुझाता है। फोम, ज्वलनशील तरल पदार्थ के ऊपर परत बना देता है, जोकि वाष्पित द्रव व ऑक्सीजन के संपर्क को नही होने देता और तापमान को कम कर देता है। क्लीन एजेंट / CO2, आग को मिलने वाली हवा को हटा देता है। आग हवा से भारी होने के कारण आग को ऑक्सीजन नही मिलने देता और आग को बुझ जाती है। ड्राई केमिकल पावडर, बी एवं सी वर्ग की आग को बुझाने में सर्वोत्तम है तथा यह रासायनिक प्रक्रिया के द्वारा अत्यंत शीघ्रता से आग को बुझाता है। उद्यान विभाग प्रमुख एवं उप महाप्रबंधक (उद्यानिकी) डॉ एन के जैन के ने अग्निशमन विभाग के दल का आभार व्यक्त किया एवं उद्यान विभाग के कर्मचारियों को आगजनी की स्थिति उत्पन्न होने पर बताये गये नियमों के द्वारा इन यंत्रो के नियंत्रण और उपयोग के लिए जागरूक किया। इस अवसर पर सहायक महाप्रबंधक (उद्यानिकी) श्री पी पी रॉय, श्री आरिफ खान, श्री राजेश शर्मा, श्री ललित कुमार, श्री के नर्सेय्या, श्री प्रेम साहू, श्री लोकेश कुमार, श्री जीतेंद्र, श्री सुनील, श्री अशोक कुमार, श्री हिरामन पाटिल एवं अन्य कर्मचारी उपस्थित थे।

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रिपोर्टर : मधुमिता नियाल

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